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केन्द्रीय विद्यालय संगठन का ध्येय अंधकार से रोशनी की ओर ले जाना ! यह हमारी निर्देशिका है ! हम एक बच्चे में गुणों का विकास, उद्दीपन तथा बढ़ावा देने का प्रयत्न करते हैं, जिससे वह उसका योगदान एक अच्छे समाज के लिए हो। हम बच्चे का सर्वोत्तम बहिर्गमन के लिए बहुत सारी गतिविधियां करते हैं। हमारा मानना है कि शिक्षा आत्मानुभूति कि ओर ले जाती है। हमारा उद्देश्य एक विद्यार्थी द्वारा स्वयं के सामर्थ्य को चरमोरत्कर्ष तक पहचानना ओर सामुदायिक हित के लिए प्रभावशाली एवं उपयोगी योगदान देना है। हमारा विश्वास है कि विद्यालय समुदाय का एक अंग है तथा हमें विद्यार्थियों को समुदाय कि मांगो को पूरा करने योग्य बनाना ही होगा। हमारा ध्येय विद्यार्थी में अधिगम (सीखने) कि इच्छा जागृत करना है, एक बच्चे को स्पष्ट बोलना, प्रवीणता से पढ़ना एवं लिखना, एक बच्चे को श्रवण एवं पर्यवेक्षण कौशल विकसित करने में मदद करना है।

The motto of the KVS is to lead one from darkness to light. This is our guideline. We try to encourage, nurture and develop the values in each child to make a better individual who in turn will contribute towards a better society. We do so many jobs in bringing out the best in each child. We believe that education leads to self realization. Our aim is to help a child realize his potential to the fullest extent and contribute usefully and effectively to the community. We believe that the school is a part of the community and we must equip our children to be able to meet the demands of the community around him OUR MISSION IS To encourage a desire for learning. To enable a child to speak clearly read efficiently and write efficiently. To help a child to develop the skill of listening and observing.

खेल और अन्य गतिविधियों में हमारी रुचि का विकास एवं प्रोत्साहित करने के लिए । खेल में एवं कार्य में मानवता का सम्मान करने, दोस्ती का विकास और अन्य लोगों के साथ मिल झूल कर सहयोग के लिए बच्चे का ज्ञान वर्धन । राष्ट्रीय गौरव को विकसित करने के लिए। अपने देश की ऐसी सांस्कृतिक धरोहर का गर्व करने के लिए। अपने देश के मूल्यों की रक्षा करने के लिए और एक भारतीय होने पर गर्व होना करने के लिए। नए उत्साह की कभी भी तुलना नहीं की जा सकती है। नयी वस्तुओं एवं विचारों में निश्चित में कुछ नई बातें जो आपको प्रतिज्ञा और संकल्प के साथ नए सिरे से शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं। के.वि. मथुरा रिफ़ाइनरी नगर, मथुरा के चार्ज लेने के उपरांत बाद मुझे ज्ञात हुआ कि संस्था शिक्षा के विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अब मेरा लक्ष्य है कि शिक्षा के इस केंद्र को; उत्कृष्टता के एक केन्द्र में विकसित करना। मुझे विश्वास है कि हम हमारे पोषित लक्ष्य को जल्द ही प्राप्त करेंगे ।

To generate and encourage our interest in games and other activities. To teach the child to respect humanity, develop friendship and cooperate with others both in work and in play. To develop national pride. To be proud of the such cultural heritage of his country. to uphold the values of his country and to be proud to be an Indian. The euphoria of the new can never be matched. There is a certain something in new things which prompts you to start afresh with vows and resolutions. After taking over the charge of KV MRN Mathura I realize that the institution has excelled in various field of learning and my goal now is to develop this centre of learning into a centre of excellence and I am confident that we shall soon achieve - our cherished goal.

मुझे पता है कि टीम प्रयासों से परिणाम परलक्षित हगा। एक साथ आना एक शुरुआत है, एक साथ होना एक प्रगति है और एक साथ काम करना एक सफलता है। हर किसी के लिए मेरा एकमात्र संदेश यह है कि वन - सुंदर, अंधकरमय, और बहुत बड़े हैं, लेकिन मेरे सोने और सोने से पहले मील जाने से पहले मील जाने और मील जाने का वादा करता हूं।

 

I know that the team effort must show the results. Coming together is a beginning, Being together is a progress and working together is a success.

My single message to everyone is that Woods are lovely, dark and deep But I have promises to keep and miles to go before I sleep and miles to go before I sleep.

सभी विद्यार्थी परीक्षा के दौरान प्रश्नों को पूरा पढ़ कर समझे, और एक बार प्रश्न समझ में आ गया तो उत्तर तो स्वत: सही हो जाता है। पूरा प्रश्न न पढ्ने या जल्दबाज़ी करने पर प्रश्न में "न" और इस प्रकार के शब्द का उत्तर पर विपरीत प्रभाव डालते है। सभी उत्तरों को सुन्दर हस्तलेख के साथ लिखें। प्रतिएक उत्तर के बाद एक या दो लाइन की स्पेस जरूर दें जिससे बाद में कुछ महत्वपूर्ण याद आ जाता ही तो उसे लिखा जा सके।

व्यक्ति का जीवन संघर्ष एवं सामंजस्य के प्रारूप में सफलता प्रपट करता है। सभी लोगों को दश शत्रुयों - पाँच इंद्रियाँ - आँख, नाक, कान, जीव्हा, त्वचा एवं पाँच विकार - क्रोध, अहंकार, लोभ, लालच, मोह आदि पर विजय प्राप्त कर परीक्षाओं की तैयारी करें।

आप सभी शिक्षक गण एवं अभिभावक गण एवं विद्यार्थियों को आगामी सीबीएसई बोर्ड एवं सत्रांत परीक्षाओं की हार्दिक शुभकामनाओं सहित ।

WISH YOU ALL THE BEST WISHES FOR CBSE BOARD & SESSION ENDING EXAMS TO ALL TEACHERS, PARENTS AND STUDENTS

 

प्राचार्य /
Principal
श्री सुबोध कुमार अग्निहोत्री
Sh. Subodh Kumar Agnihotri